भारतीय पंचांग के अनुसार प्रत्येक तीसरा साल तेरह महीनों का होता है, मलमास भी कहते है। पौराणिक मान्यता है कि यह मास धार्मिक कार्य हेतु बहुत ही पवित्र होता है और हिन्दुओं के सभी देवी-देवता इस अधिमास में राजगीर में ही निवास व विचरण करते है। 33 करोड़ देवी-देवताओं को प्रसन्न करने हेतु वांछित फलों के प्राप्ति हेतु साधु-संत व तीर्थ यात्री पूरे मास यहाँ प्रवास करते हैं। मलमास मेला के दौरान राजगीर में अवस्थित 22 कुण्ड एवं 52 धाराओं में श्रद्धालुगण स्नान करते हैं। इस अवसर पर यहाँ प्राचीन काल से ही मेला का आयोजन किया जाता रहा है। इस मेले मे लाखों श्रद्धालु आते हैं और पूजा अर्चना के पश्चात मेले का आनंद उठाते हैं। हिन्दू धार्मिक प्रवचनों एवं पूजा पाठ से यह नगरी एक मास तक ऋषि-मुनियों तथा श्रद्धालुओं से भरी रहती है। इस अवसर पर यहाँ विदेशी पर्यटकों का भी आगमन होता है। पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, नालंदा के द्वारा इस मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा हेतु विस्तृत तैयारी की गई है, ताकि सभी श्रद्धालु यहाँ आकर एक बेहतर अनुभव लेकर जाएं।